तेरे चेहरे में जो कभी ना ख़त्म होने वालाा हो हम फिर कभी ना मिल सकेंगे। तेरे चेहरे में जो कभी ना ख़त्म होने वालाा हो हम फिर कभी ना मिल सकेंगे।
किस डोर से बांधा तूने, कि सम्मोहक हो बंंधे हम! किस डोर से बांधा तूने, कि सम्मोहक हो बंंधे हम!
अधूरा अधूरा सा ये चांद है अधूरा अधूरा सा ये चांद है
वो एक तन्हा इस गगन में, तुझ जैसा और कौन? हरियाली है चारो तरफ़ पर, तुझसे सुना और कौ वो एक तन्हा इस गगन में, तुझ जैसा और कौन? हरियाली है चारो तरफ़ पर, तुझ...
जलाकर अपना कलेजा बाहों में चाय भरता है.! इस दौर में कुल्हड़ जैसा इश्क भी भला कौन करता ह जलाकर अपना कलेजा बाहों में चाय भरता है.! इस दौर में कुल्हड़ जैसा इश्क भी भला क...
वह अटल नेता कवि कहाँ लाऊं? वह अटल नेता कवि कहाँ लाऊं?